श्री सत्यनारायण भगवान की आरती ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥ …
पंचम अध्याय श्री सूतजी ने आगे कहा- हे ऋषियो ! मैं एक और भी कथा कहता हूं, सुनो -प्रजापालन में लीन तुंगध्वज …
चतुर्थ अध्याय श्री सूतजी ने आगे कहा- वैश्य ने मंगलाचार करके यात्रा आरंभ की और अपने नगर को चला। उनके थोड़ी द…
तृतीय अध्याय श्री सूतजी ने कहा- हे श्रेष्ठ मुनियो ! अब आगे की एक कथा कहता हूं। पूर्वकाल में उल्…
द्वितीय अध्याय सूतजी ने कहा- हे ऋषियो ! जिन्होंने पहले समय में इस व्रत को किया है, उनका इतिहास कहता…
व्यास जी ने कहा- एक समय नैमिषारण्य तीर्थ में शौनकादिक अट्ठासी हजार ऋषियों ने पुराणवेत्ता श्री सूतजी से पूछा…
सो० -जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन । करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन ।।1।। मूक होइ बाचाल पंग…
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